जशपुरनगर, 22 मार्च 2025: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी मयाली में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर महादेव के समीप आयोजित शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन आज शिव धाम “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने संगीतमय और भक्ति से परिपूर्ण वातावरण में शिव भक्तों को भोले बाबा की महिमा का रसपान कराया। कथा के दौरान उन्होंने तामसिक भोजन से दूर रहने और मन के अहंकार को त्यागने का संदेश दिया, जिसे सुनकर श्रद्धालु शिव भक्ति में झूमते नजर आए।
भोले बाबा को एक लोटा जल ही काफी
पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने प्रवचन में कहा, “भोले बाबा को बस एक लोटा जल अर्पित करने से सारी समस्याओं का समाधान हो जाता है।” उन्होंने भक्तों को बताया कि शिव की भक्ति में इतनी शक्ति है कि लंबे समय से अटके काम भी पूरे हो सकते हैं। साथ ही, उन्होंने भोजन से संबंधित एक उपाय साझा करते हुए कहा, “भोजन करते समय अपना पानी स्वयं रखें और फिर भोजन शुरू करें। इससे घुटने का दर्द, रीढ़ की हड्डी का दर्द और सिरदर्द जैसी तीन बीमारियां दूर हो जाती हैं। शरीर को पर्याप्त पानी की जरूरत होती है, जिसे हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
तामसिक भोजन और अहंकार से दूर रहने की सलाह
पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से मांस, मदिरा जैसे तामसिक भोजन से परहेज करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “शिव की आराधना और भक्ति में मन लगाएं। तामसिक भोजन शरीर और मन को अशुद्ध करता है। इसके साथ ही उन्होंने अहंकार को मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु बताते हुए कहा, अहंकार और बुरे विकारों को अपने भीतर से निकाल फेंकें। कैलाश पर्वत पर नंदी भोले बाबा के सबसे प्रिय हैं, क्योंकि वे अहंकार से मुक्त हैं। हमें भी उनके समान नम्र और समर्पित बनना चाहिए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी किया कथा का रसपान
कुनकुरी विकासखंड में स्थित मधेश्वर महादेव, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है, के समीप यह कथा 21 मार्च से शुरू हुई और 27 मार्च तक चलेगी। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अन्य प्रदेशों से आए हजारों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। आज कथा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने भी कथा का रसपान किया। भक्तों का कहना है कि पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा सुनकर उन्हें एक दिव्य अनुभव की प्राप्ति हो रही है।
जिला प्रशासन ने की व्यापक व्यवस्था
जशपुर जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। कथा स्थल पर मंच, बैठक व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पंडाल, खोया-पाया केंद्र और अस्थाई अस्पताल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा, श्रद्धालुओं को मोबाइल नेटवर्क की समस्या से बचाने के लिए जियो का टावर भी लगवाया गया है। प्रशासन की ओर से पार्किंग, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है, ताकि भक्तों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
भक्ति और संगीत से सराबोर माहौल
कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने भोले बाबा की महिमा का गुणगान करते हुए भजन “ने बहुत दे दिया है, तेरा शुक्रिया है” प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरा शिव धाम भक्ति और संगीत के रंग में डूब गया। भक्तों ने बताया कि पंडित जी की वाणी में एक जादू है, जो उन्हें शिव की भक्ति से जोड़ता है और जीवन में सकारात्मकता लाता है।
आगामी दिनों में और बढ़ेगी श्रद्धालुओं की संख्या
27 मार्च तक वाली इस कथा में आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। जशपुरनगर और आसपास के क्षेत्रों में इस आयोजन को लेकर उत्साह चरम पर है। यह कथा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भक्तों को आध्यात्मिक शांति और जीवन के प्रति नया दृष्टिकोण भी प्रदान कर रही है।
मधेश्वर महादेव के समीप पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा भक्तों के लिए एक अनुपम अनुभव बन रही है। उनके संदेश और उपाय श्रद्धालुओं को न केवल शिव भक्ति की ओर प्रेरित कर रहे हैं, बल्कि जीवन को सरल और स्वस्थ बनाने का मार्ग भी दिखा रहे हैं।