सरपंच पति की दबंगई, राशन कार्ड के लिए मांगे 1000 रुपये, वायरल वीडियो से खुला भ्रष्टाचार का पर्दाफाश….
सरपंच का ग्रामीण से पैसा मांगते वीडियो हुआ वायरल.....

बिलासपुर, 18 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की रतनपुर तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गोंदइया में भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के सरपंच के पति द्वारा राशन कार्ड बनवाने के नाम पर खुलेआम रिश्वत मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने स्थानीय प्रशासन और पंचायती राज व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो में क्या है?
वायरल वीडियो में सरपंच पति एक ग्रामीण से राशन कार्ड बनवाने के लिए 1000 रुपये की मांग करते हुए नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने दबंगई भरे अंदाज में कहा, “मैंने पैसे खर्च करके चुनाव जीता है, अब फ्री में साइन नहीं करूंगा।” यह बयान न केवल उनकी भ्रष्ट मानसिकता को दर्शाता है, बल्कि पंचायती राज के लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी कुठाराघात करता है। वीडियो में ग्रामीण द्वारा रिश्वत देने से इनकार करने पर सरपंच पति द्वारा उसे धमकाने की बात भी सामने आई है।
ग्रामीणों में आक्रोश
इस घटना के बाद गोंदइया गांव के ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच पति लंबे समय से इस तरह की अवैध वसूली कर रहे हैं और गरीब परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए मजबूरन रिश्वत देनी पड़ रही है। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “राशन कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र या अन्य सरकारी काम के लिए सरपंच पति खुलेआम पैसे मांगते हैं। जो पैसे नहीं देता, उसका काम अटका दिया जाता है।”
प्रशासन की चुप्पी
इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस तरह की शिकायतें पहले भी की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वायरल वीडियो के बाद अब जिला प्रशासन और पंचायत विभाग से इस मामले की गहन जांच और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
पंचायती राज पर सवाल
यह घटना एक बार फिर पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कई ग्राम पंचायतों में सरपंच के परिवार के सदस्य, खासकर सरपंच पति, अनौपचारिक रूप से सत्ता का दुरुपयोग करते हैं। यह न केवल लोकतंत्र के लिए खतरा है, बल्कि गरीब और अशिक्षित ग्रामीणों का शोषण भी करता है।
सरपंच पति के दावे
वीडियो में सरपंच पति द्वारा यह कहना कि उन्होंने “चुनाव जीतने के लिए पैसे खर्च किए हैं” यह दर्शाता है कि ग्राम पंचायत स्तर पर चुनावी प्रक्रिया में भी भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं। यह बयान न केवल उनके व्यक्तिगत आचरण पर सवाल उठाता है, बल्कि ग्राम पंचायत चुनावों की निष्पक्षता पर भी संदेह पैदा करता है।
प्रशासन से मांग
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, यह भी मांग की जा रही है कि सरपंच और उनके पति के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई की जाए। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश साहू ने कहा, “यह एक गंभीर मामला है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह अन्य पंचायतों में भी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा।”
गोंदइया ग्राम पंचायत का यह मामला केवल एक स्थानीय घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों का प्रतीक है। वायरल वीडियो ने न केवल सरपंच पति की दबंगई को उजागर किया है, बल्कि पंचायती राज व्यवस्था में सुधार की तत्काल आवश्यकता को भी रेखांकित किया है। अब यह देखना बाकी है कि जिला प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करता है।