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सरोकार:– बीमारी से जीवन फंसी संकट में, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सहायता के लिए बढ़ाया हाथ, उपचार के लिए दो करोड़ पचासी लाख रुपए की दी सहायता…..

जशपुरनगर 28 अगस्त 25/परिवार के किसी एक सदस्य के गंभीर बीमारी के चपेट में आ जाने से पूरा परिवार संकट में आ जाता है। ऐसे विकट परिस्थिति में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत योजना उपचार में सहयोगी बनता है। इसके तहत हितग्राहियो को 5 लाख तक के निशुल्क उपचार की सुविधा सरकारी और पंजीकृत निजी अस्पतालो में मिलती है। लेकिन ज़ब गंभीर बीमारी के उपचार और सर्जरी का खर्च आयुष्मान योजना की सीमा से अधिक हो जाए तो क्या होगा? कहां से आएगा इलाज के लिए लाखों रूपये? संकट की ऐसी घड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपत्ती में फंसे ऐसे परिवारों की सहायता के लिए फिर हाथ बढ़ाया। मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के अंतर्गत जिले के 72 मरीजों को उपचार के 2 करोड़ 85 लाख रूपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। इस योजना के तहत आर्थिक सहायता राशि संबंधित अस्पताल के बैंक खाते में चेक या एनईएफटी के माध्यम से सीधे ट्रांसफर कर दी जाती है। इस राशि से लाभार्थी कैंसर,बोनमेरो ट्रांसफर,किडनी ट्रांसप्लांट जैसे महंगे उपचार बड़े अस्पतालों में करा सके। समय पर आर्थिक सहायता मिल जाने से न केवल मरीजों का जीवन सुरक्षित हो पाया अपितु परिवार को भी बड़ी राहत मिली। इस सहायता के लिए मरीज और उसका परिवार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जता रहा है।

इस तरह प्राप्त करें सहायता

सीएमएचओ डॉ जी एस जात्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए एक निर्धारित आवेदन फ़ार्म के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करना होता है। यह आवेदन पत्र सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। इसके आवेदन के साथ मरीज का आधार कार्ड,बीमारी से संबंधित चिकित्सकीय दस्तावेज,जिस अस्पताल में उपचार कराना चाहते हैँ वहाँ का प्राकलन रिपोर्ट (स्टीमेट) संलग्न करना होता है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहा है सुधार

उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधा के विस्तार और सुधार की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैँ। जिले में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की घोषणा होने के साथ इसके लिए बजट भी सरकार जारी कर चुकी है। जमीन चयन होने के साथ कालेज शुरू करने की क्वायद चल रही है। अस्पतालों में भौतिक और मानव संसाधन जुटाया जा रहा है।

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