Breaking News

जशपुर में नाबालिग बालिकाओं से दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी, दोनों भेजे गए जेल…..

जशपुर, 22 दिसंबर 2025: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में नाबालिग बालिकाओं के साथ दुष्कर्म के दो संवेदनशील मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी को महाराष्ट्र के पुणे से पकड़ा गया, जबकि दूसरे को स्थानीय क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। दोनों मामलों में पीड़िताएं गर्भवती हो गई थीं, जिसका खुलासा इलाज के दौरान हुआ। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मामले दर्ज किए हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों के प्रति बेहद संवेदनशील है। ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पहला मामला: चौकी दोकड़ा क्षेत्र

यह मामला चौकी दोकड़ा (जिला जशपुर) का है। पीड़िता एक 16 वर्षीय नाबालिग बालिका है, जो कक्षा 10वीं की छात्रा है। 6 दिसंबर 2025 को उसकी मां ने रायपुर के थाना आमानाका में शिकायत दर्ज कराई कि 20 नवंबर 2025 को उनकी बेटी को अचानक चक्कर आए, जिस पर उसे रायगढ़ के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच में गर्भावस्था की पुष्टि की। आगे के इलाज के लिए उसे रायपुर रेफर किया गया, जहां 24 नवंबर 2025 को नाबालिग ने एक बच्ची को जन्म दिया।

पूछताछ में पीड़िता ने खुलासा किया कि कक्षा 9वीं में पढ़ते समय उसी स्कूल के कक्षा 11वीं के छात्र लक्ष्मण राम (उम्र 19 वर्ष) से उसकी मुलाकात हुई। दोनों के बीच दोस्ती हो गई और आरोपी ने शादी का झांसा देकर अप्रैल-मई 2025 के बीच अलग-अलग मौकों पर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रायपुर पुलिस ने BNS की धारा 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की और जांच चौकी दोकड़ा को सौंपी। यहां 7 दिसंबर 2025 को अपराध क्रमांक 156/25 दर्ज किया गया।

आरोपी लक्ष्मण राम घटना के बाद से फरार था। पुलिस की तकनीकी टीम और मुखबिरों की मदद से उसकी लोकेशन महाराष्ट्र के पुणे जिले के बडगांव मावल क्षेत्र में पता चली। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर गठित टीम ने उसे पुणे से हिरासत में लिया और जशपुर लाया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध कबूल कर लिया। पर्याप्त सबूत मिलने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी दोकड़ा उप निरीक्षक अशोक कुमार यादव, आरक्षक सुरेंद्र यादव, अनिल सिंह और साइबर सेल जशपुर की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

दूसरा मामला: थाना आस्ता क्षेत्र

यह मामला थाना आस्ता (चौकी मनोरा क्षेत्र) का है। पीड़िता 17 वर्षीय नाबालिग बालिका है। 12 दिसंबर 2025 को उसकी 45 वर्षीय मां ने जशपुर की सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि बेटी के पेट दर्द की शिकायत पर जशपुर अस्पताल में जांच कराई तो गर्भावस्था की पुष्टि हुई।

पीड़िता ने बताया कि मार्च 2025 में एक सहेली के माध्यम से मनोरा क्षेत्र के गांव के संजीत टोप्पो (उम्र 19 वर्ष) से उसकी जान-पहचान हुई। आरोपी ने प्यार का इजहार कर शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हो गई।

रिपोर्ट पर सिटी कोतवाली में BNS की धारा 64(2)(m) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5 और 6 के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की गई और जांच थाना आस्ता को सौंपी गई। यहां अपराध क्रमांक 30/25 दर्ज हुआ।

आरोपी संजीत टोप्पो फरार था, लेकिन मुखबिर और तकनीकी सहायता से पुलिस टीम ने उसके घर पर घेराबंदी कर हिरासत में लिया। पूछताछ में अपराध कबूलने और सबूत मिलने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

इस गिरफ्तारी में थाना प्रभारी आस्ता उप निरीक्षक अर्जुन यादव, प्रधान आरक्षक संदीप एक्का, मनोहर एक्का, आरक्षक अनिल भगत और सुरेश राम की अहम भूमिका रही।

पुलिस की प्रतिबद्धता

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा, “जशपुर पुलिस बालिकाओं और महिलाओं से जुड़े अपराधों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। दोनों मामलों में त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। ऐसे अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”

ये मामले समाज में नाबालिगों की सुरक्षा और झांसे में फंसाकर शोषण की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर सवाल उठाते हैं। पुलिस ने पीड़िताओं को उचित काउंसलिंग और सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।

Related Articles

Back to top button