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जशपुर बन रहा पावर हब: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जिले में 12 नए सब-स्टेशनों की स्वीकृति, पूरे क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति की गारंटी…..

 

जशपुरनगर, 26 दिसंबर 2025: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में जशपुर जिला अब ऊर्जा क्षेत्र का प्रमुख केंद्र (पावर हब) बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीते दो वर्षों में राज्य सरकार ने जिले की विद्युत अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिसमें बड़े पैमाने पर नए सब-स्टेशनों की स्थापना, ट्रांसमिशन लाइनों का विस्तार और वितरण व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण शामिल है। इन प्रयासों से जशपुर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण एवं स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है, जिससे पूरा जिला रोशनी से चकाचौंध हो जाएगा।

प्रदेश का पांचवां 400/220 केवी सब-स्टेशन हर्राडांड में जल्द शुरू होगा निर्माण

साय सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड के हर्राडांड में प्रदेश के पांचवें उच्च क्षमता वाले 400/220 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की स्वीकृति है। यह उपकेंद्र पूरे सरगुजा संभाग के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निविदा प्रक्रिया समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो जाएगा। इससे क्षेत्र में बिजली की मांग बढ़ने पर भी स्थिर आपूर्ति बनी रहेगी और लो-वोल्टेज की पुरानी समस्या से स्थायी निजात मिलेगी।

इसके अलावा, फरसाबहार और झिक्की बगीचा में 132/33 केवी सब-स्टेशनों की स्वीकृति दी गई है, जो क्षेत्रीय बिजली भार को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जिले के ग्रामीण इलाकों को ध्यान में रखते हुए सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े (पथलगांव), पालीडीह, खुटेरा और चेटवा में 33/11 केवी के 9 नए सब-स्टेशनों के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सभी 12 सब-स्टेशनों की परियोजनाओं के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।

कुनकुरी को मिनी डिपो स्टोर की सौगात: समय और लागत में भारी बचत

मुख्यमंत्री श्री साय की विशेष पहल पर कुनकुरी विकासखंड में उप-क्षेत्रीय भंडार (मिनी डिपो स्टोर) की स्थापना की गई है। पहले ग्रामीण क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मर बदलने के लिए विश्रामपुर या सूरजपुर से 150-200 किलोमीटर दूर सामग्री मंगानी पड़ती थी, जिससे मरम्मत में देरी और अतिरिक्त खर्च होता था। अब मिनी डिपो से स्थानीय स्तर पर ट्रांसफार्मर और अन्य सामग्री उपलब्ध होने से बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है।

नए कार्यालयों से मजबूत हुई प्रशासनिक व्यवस्था

जिले में विद्युत प्रशासन को और प्रभावी बनाने के लिए कुनकुरी में वृत्त कार्यालय, संभागीय कार्यालय, एसटीएम संभागीय कार्यालय, सतर्कता संभागीय कार्यालय, वितरण भंडार, उप-संभागीय कार्यालय तपकरा और वितरण केंद्र कुनकुरी की स्थापना की गई है। इन कार्यालयों से निगरानी, रखरखाव और शिकायत निवारण की प्रक्रिया तेज हुई है, जिससे उपभोक्ताओं को त्वरित समाधान मिल रहा है।

117 नए ट्रांसफार्मर से ग्रामीण क्षेत्रों में लो-वोल्टेज की समस्या खत्म

नए सब-स्टेशनों और ट्रांसमिशन नेटवर्क के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में 117 अतिरिक्त ट्रांसफार्मरों की स्थापना की जा चुकी है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही लो-वोल्टेज समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध होगी, जबकि घरेलू उपभोक्ता, व्यापारी और लघु उद्योग भी लाभान्वित होंगे।

बिजली से विकास को मिली नई रफ्तार

जिलेवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर को मिली ये विद्युत सौगातें न केवल बिजली व्यवस्था को मजबूत कर रही हैं, बल्कि कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी विकास को नई गति प्रदान कर रही हैं। निर्बाध बिजली से आमजन के दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। निस्संदेह, साय सरकार की ये पहलें जशपुर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाते हुए प्रदेश के विकास में नया अध्याय जोड़ रही हैं।

यह विकास यात्रा जशपुर को न केवल पावर हब बनाने की दिशा में ले जा रही है, बल्कि आदिवासी बहुल इस जिले को समृद्धि और समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रही है।

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