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जशपुर जिले में अधिकारियों-कर्मचारियों की कमी का मुद्दा विधानसभा में गूंजा: पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने उठाया जनहित का सवाल…..

पत्थलगांव, 14 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय ने जशपुर जिले में प्रशासनिक कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी के गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा से जिला, अनुविभागीय और तहसील कार्यालयों में स्वीकृत पदों, रिक्तियों और इनके प्रबंधन की स्थिति पर सवाल पूछा, जिसका जवाब सदन में प्रस्तुत किया गया। यह मुद्दा जशपुर जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और आम जनता को हो रही असुविधाओं को रेखांकित करता है।

विधायक का सवाल: प्रशासनिक रिक्तियां और जनता की परेशानी

श्रीमती गोमती साय ने अपने सवाल में जशपुर जिले के प्रशासनिक कार्यालयों में स्वीकृत पदों की स्थिति, रिक्त पदों की संख्या, वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों के विभाग और रिक्तियों को भरने की समय-सीमा के बारे में जानकारी मांगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी के कारण राजस्व कार्यों में देरी हो रही है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सवाल न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है, बल्कि जनहित के प्रति विधायक की संवेदनशीलता को भी उजागर करता है।

राजस्व मंत्री का जवाब: रिक्तियां हैं, प्रक्रिया जारी

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने सदन में जवाब देते हुए बताया कि जशपुर जिले के जिला, अनुविभागीय और तहसील कार्यालयों में स्वीकृत, कार्यरत और रिक्त पदों की जानकारी एक प्रपत्र में संलग्न की गई है। प्रपत्र के अनुसार, जिले में अधिकांश पद स्वीकृत हैं, लेकिन कई महत्वपूर्ण पद रिक्त हैं। कार्य की निरंतरता बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग के कर्मचारियों से सहयोग लिया जा रहा है।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इसकी कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की जा सकती। इस जवाब से यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासनिक रिक्तियों को भरने में अभी समय लग सकता है, जो जशपुर की जनता के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

जनता की परेशानी और विधायक की पहल

जशपुर जिले में प्रशासनिक कार्यालयों में कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है। राजस्व कार्यों जैसे जमीन के दस्तावेज, नामांतरण, बंटवारा और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी के कारण स्थानीय लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस स्थिति को देखते हुए विधायक गोमती साय ने यह सवाल उठाकर न केवल समस्या को उजागर किया, बल्कि शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया।

उनकी इस पहल को जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रिक्त पदों के कारण प्रशासनिक कार्यों में होने वाली देरी उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां संसाधनों की कमी पहले से ही एक बड़ी चुनौती है, यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।

उम्मीद की किरण: ठोस कदम की अपेक्षा

श्रीमती गोमती साय के इस सवाल ने जशपुर जिले में प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक नई उम्मीद जगाई है। उनके द्वारा उठाए गए इस मुद्दे से यह अपेक्षा की जा रही है कि छत्तीसगढ़ सरकार और प्रशासन रिक्त पदों को भरने के लिए त्वरित और ठोस कदम उठाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इन रिक्तियों को शीघ्र भरा जाता है, तो प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी, जिससे आम जनता को सीधा लाभ होगा।

जशपुर जिले में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी का मुद्दा विधानसभा में उठना एक सकारात्मक कदम है। विधायक गोमती साय की इस पहल ने न केवल स्थानीय समस्याओं को राज्य स्तर पर उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस दिशा में कितनी जल्दी और प्रभावी कार्रवाई करती है, ताकि जशपुर की जनता को सुगम प्रशासनिक सेवाएं मिल सकें।

*स्रोत: छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र, 14 जुलाई 2025*

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