Breaking News

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विधानसभा कुनकुरी में भक्ति की बयार: भव्य कलश यात्रा के साथ राम कथा महोत्सव का हुआ शुभारंभ, 15 हजार श्रद्धालुओं की मौजूदगी में गूंजा रामनाम, नगर हुआ भक्तिमय…..

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विधानसभा कुनकुरी में भक्ति की बयार: भव्य कलश यात्रा के साथ राम कथा महोत्सव का हुआ शुभारंभ, 15 हजार श्रद्धालुओं की मौजूदगी में गूंजा रामनाम, नगर हुआ भक्तिमय.....

जशपुर (कुनकुरी)/  नगर में आयोजित होने जा रहे भव्य संगीतमय राम कथा महोत्सव का शुभारंभ गुरुवार को अत्यंत श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव के साथ हुआ। परम पूजनीय संत बापू चिन्मयानंद जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें जनसैलाब उमड़ पड़ा।कलश यात्रा का शुभारंभ कुनकुरी शिव मंदिर परिसर से हुआ। यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मिनी स्टेडियम ग्राउंड (बेमताटोली) पहुंची, जहां कथा का आयोजन होना है। इस दौरान पूरे नगर में “जय श्री राम” और “बजरंगबली की जय” के गगनभेदी जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।यात्रा में करीब 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विशेष रूप से बड़ी संख्या में माताएं-बहनें सिर पर कलश धारण कर भक्ति में लीन नजर आईं।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने पवित्र जल भरकर यात्रा को भव्य स्वरूप प्रदान किया।भजन-कीर्तन, राम नाम संकीर्तन और धार्मिक ध्वनियों से सजी यह कलश यात्रा नगरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था देखते ही बन रही थी। कथा स्थल पहुंचने पर वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की गई, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।आयोजन समिति के अनुसार, आज शाम 3:00 बजे से संगीतमय राम कथा का विधिवत शुभारंभ होगा, जिसमें संत बापू चिन्मयानंद जी महाराज श्रद्धालुओं को राम कथा का रसपान कराएंगे। आयोजन में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।राम कथा महोत्सव को लेकर कुनकुरी सहित आसपास के क्षेत्रों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए उत्सुक हैं और पूरे आयोजन को लेकर धार्मिक माहौल बना हुआ है। आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस आध्यात्मिक आयोजन का लाभ लें।यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करने का संदेश दे रहा है।

Related Articles

Back to top button