लोकतंत्र की हत्या करने वाली कांग्रेस को इतिहास कभी माफ नहीं करेगा: गोमती साय, 50 वर्ष बाद भी आपातकाल की विभीषिका देश के मानस पर अंकित, सत्ता बचाने के लिए संविधान को बनाया था बंधक…..


पत्थलगांव (जशपुर), 24 जून 2026: सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या करने वाली कांग्रेस को इतिहास कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने 25 जून 1975 को थोपे गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला और शर्मनाक अध्याय बताया।
विधायक निवास कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए गोमती साय ने कहा, “25 जून 1975 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सत्ता बचाने के लिए संविधान की आत्मा का गला घोंटते हुए पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया। यह वह दौर था जब लोकतंत्र कैद था, संविधान बंधक था और देश भय एवं दमन के साये में जीने को मजबूर था।”
आपातकाल के दौरान हुई क्रूरता का ब्यौरा
विधायक गोमती साय ने आपातकाल के दौरान हुए अत्याचारों का विस्तृत जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष के नेताओं, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और हजारों लोकतंत्र सेनानियों को बिना किसी अपराध के जेलों में डाल दिया गया। प्रेस की स्वतंत्रता छीन ली गई, न्यायपालिका पर दबाव बनाया गया और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचल दिया गया।
“यह केवल राजनीतिक दमन नहीं था, बल्कि देश की लोकतांत्रिक चेतना पर किया गया सबसे बड़ा हमला था,” उन्होंने जोर देकर कहा।

कांग्रेस पर सवाल
गोमती साय ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा, “आज कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान बचाने का ढोंग कर रही है, जबकि इतिहास गवाह है कि लोकतंत्र की हत्या करने का सबसे बड़ा अपराध उसी ने किया था। सत्ता के मद में चूर कांग्रेस ने पूरे देश को भय, दमन और तानाशाही के वातावरण में झोंक दिया था। देश की जनता इस विश्वासघात को कभी नहीं भूलेगी।”
लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धांजलि और नई पीढ़ी को संदेश
उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के अदम्य साहस और लाखों कार्यकर्ताओं के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि उनकी अटूट आस्था ने अंततः तानाशाही को पराजित किया।
“आज आवश्यकता है कि नई पीढ़ी को आपातकाल की सच्चाई बताई जाए, ताकि भविष्य में कोई भी सत्ता संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके,” गोमती साय ने जोर दिया।

मोदी सरकार और भाजपा की प्रतिबद्धता
गोमती साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा सरकार संविधान की भावना के अनुरूप सुशासन, पारदर्शिता और जनभागीदारी को मजबूत कर रही है।
“भाजपा लोकतंत्र की रक्षा, संविधान के सम्मान और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने आपातकाल की 50वीं बरसी को केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प दोहराने का दिवस बताया। भाजपा पूरे प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को आपातकाल की विभीषिका और लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष से अवगत करा रही है।
प्रेस वार्ता में उपस्थित प्रमुख नेता
प्रेस वार्ता में निवर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, जिला महामंत्री मनीष अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, आलोक सारथी, अंकित बंसल, हेमंत बंजारा सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भारत में 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने आंतरिक अशांति का हवाला देते हुए आपातकाल घोषित किया था, जो 21 महीने तक चला। इस दौरान व्यापक स्तर पर नागरिक अधिकारों का हनन हुआ, जिसे आज भी भारतीय राजनीति के सबसे विवादास्पद अध्यायों में से एक माना जाता है।



