जशपुर को मिली ऐतिहासिक सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल रंग लाई, एनएमसी से मिली मेडिकल कॉलेज की मंजूरी, 2026-27 से शुरू होगी एमबीबीएस की पढ़ाई
जशपुर को मिली ऐतिहासिक सौगात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल रंग लाई, एनएमसी से मिली मेडिकल कॉलेज की मंजूरी, 2026-27 से शुरू होगी एमबीबीएस की पढ़ाई


जशपुरनगर, 13 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के लिए लंबे समय से जिस सौगात का इंतजार था, वह अब साकार हो गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल और लगातार किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप जशपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) से औपचारिक स्वीकृति मिल गई है। अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 से जशपुर-कुनकुरी स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश शुरू होगा।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) द्वारा 12 जुलाई 2026 को जारी लेटर ऑफ परमिशन (LoP) के साथ ही जशपुर उन चुनिंदा जिलों की सूची में शामिल हो गया है, जहां मेडिकल शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होगी। यह मेडिकल कॉलेज पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंस एवं आयुष विश्वविद्यालय, रायपुर से संबद्ध रहेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के दूरस्थ, आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना केवल एक शैक्षणिक संस्थान की शुरुआत नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास और भविष्य को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जशपुर और आसपास के विद्यार्थियों को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जिले में ही मेडिकल शिक्षा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों का समय और आर्थिक संसाधनों की बचत होगी, वहीं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली युवाओं को भी डॉक्टर बनने का बेहतर अवसर मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बड़ा संबल
मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से जशपुर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होगा और गंभीर एवं जटिल बीमारियों के उपचार की क्षमता विकसित होगी। भविष्य में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का रास्ता भी खुलेगा, जिससे जशपुर सहित पूरे सरगुजा संभाग के लाखों लोगों को बेहतर इलाज अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेगा।
रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
मेडिकल कॉलेज के संचालन से चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा अन्य सहायक कर्मचारियों के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा आवास, होटल, परिवहन, व्यापार और अन्य स्थानीय सेवाओं से जुड़े व्यवसायों को भी गति मिलेगी, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था को नया आधार मिलेगा।
स्वास्थ्य अधोसंरचना लगातार हो रही मजबूत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बड़े निवेश किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
वर्तमान में चराईडांड में 220 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक सिविल अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और नेचुरोपैथी सेंटर भी विकसित किए जा रहे हैं। वहीं गिनाबहार में 50 बिस्तरों वाले मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य यूनिट का निर्माण भी तेजी से प्रगति पर है।
जशपुर बनेगा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा का नया केंद्र
विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद जशपुर केवल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाएगा। आने वाले वर्षों में यह संस्थान पूरे सरगुजा संभाग के विद्यार्थियों और मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा।
जशपुर जिले के लिए मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति को प्रदेश सरकार की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है, वहीं आदिवासी अंचल के युवाओं के लिए डॉक्टर बनने का सपना अब अपने जिले में ही साकार हो सकेगा।




