जशपुर में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत रेस्पॉन्सिव गवर्नेंस के लिए 3 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ…..


जशपुर, 1 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में आज एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। जिला मुख्यालय जशपुर के जिला पंचायत सभा कक्ष में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत रेस्पॉन्सिव गवर्नेंस के अंतर्गत ब्लॉक मास्टर ट्रेनर्स के लिए आयोजित 3 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक व सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में जशपुर विधायक रायमुनी भगत, कलेक्टर रोहित व्यास, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्यगण, और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।

शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक गोमती साय ने कहा, जशपुर एक आदिवासी बहुल जिला है, जहां शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मास्टर ट्रेनर्स को सशक्त बनाएगा, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर शासन की कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रशिक्षित ट्रेनर्स न केवल योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, बल्कि जशपुर के प्रत्येक गांव और नागरिक तक सुशासन का लाभ पहुंचाने में भी सहयोग करेंगे।
प्रशिक्षण का उद्देश्य और महत्व
आदि कर्मयोगी अभियान भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से संचालित एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य जनजातीय समुदायों तक शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाना और सुशासन को और अधिक सशक्त, जवाबदेह, और जनहितैषी बनाना है। इस 3 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में ब्लॉक मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो आगे चलकर अपने विकासखंडों और ग्राम पंचायतों में नागरिक-केंद्रित सेवाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में प्रशिक्षकों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, उनके प्रभावी क्रियान्वयन, और नागरिकों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगा, बल्कि ग्रामीण स्तर पर जवाबदेही और पारदर्शिता को भी बढ़ावा देगा।
जशपुर के लिए ऐतिहासिक कदम
कार्यक्रम में उपस्थित जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने कहा, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जशपुर के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल सुशासन को बढ़ावा देगा, बल्कि हमारे आदिवासी भाई-बहनों को शासन की योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने में भी मदद करेगा। कलेक्टर रोहित व्यास ने इस अवसर पर कहा कि यह अभियान जशपुर जिले की प्रगति और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने मास्टर ट्रेनर्स से आह्वान किया कि वे इस प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और अपने क्षेत्रों में इसे प्रभावी ढंग से लागू करें। जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने भी इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान जशपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवाओं को और अधिक सुलभ और प्रभावी बनाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स अपने क्षेत्रों में सुशासन के दूत के रूप में कार्य करेंगे।
प्रशिक्षण का स्वरूप और अपेक्षित परिणाम
यह 3 दिवसीय कार्यशाला 1 सितंबर से 3 सितंबर 2025 तक चलेगी, जिसमें राज्य स्तर से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों को मार्गदर्शन देंगे। प्रशिक्षण के दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्रामीण स्तर पर प्रभावी संचार, और नागरिक-केंद्रित प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा। कार्यशाला के समापन सत्र में विभिन्न विषयों पर चर्चा और प्रशिक्षण का सार प्रस्तुत किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के बाद मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने विकासखंडों में जाकर ग्राम पंचायत स्तर पर कार्य करेंगे। वे शासन की योजनाओं को लागू करने, उनकी निगरानी करने, और नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने में सहयोग करेंगे। यह अभियान जशपुर जिले में सुशासन को और अधिक मजबूत करने और जनजातीय समुदायों के कल्याण के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
सकारात्मक बदलाव की उम्मीद
कार्यक्रम में उपस्थित सभी वक्ताओं ने इस अभियान को जशपुर जिले के लिए एक ऐतिहासिक और सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाएगा, बल्कि जशपुर के प्रत्येक गांव और नागरिक तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह अभियान न केवल जशपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में सुशासन और जनकल्याण के लिए एक नया आयाम स्थापित करेगा।



