जशपुर में प्लेन क्रैश की अफवाह निकली फर्जी, प्रशासन ने ड्रोन से की जांच—कहीं नहीं मिले हादसे के संकेत


जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के नारायणपुर क्षेत्र में कथित प्लेन क्रैश को लेकर सोशल मीडिया में तेजी से फैल रही खबरें जांच में पूरी तरह निराधार साबित हो रही हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी प्रकार के विमान हादसे के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं।
जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही दो तस्वीरों और जंगल से उठते धुएं के आधार पर प्लेन क्रैश की अफवाह फैली थी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम तत्काल सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
क्या कहते हैं इस मामले पर जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास आप भी देखिये…..
कलेक्टर ने बताया कि घटनास्थल पर वन विभाग की टीम पहले से मौजूद थी और लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन के माध्यम से की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित हादसे के संकेत मिल सकें। हालांकि अब तक की जांच में कहीं भी विमान गिरने या मलबा मिलने जैसी कोई स्थिति सामने नहीं आई है।
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पड़ोसी राज्यों ओडिशा और झारखंड के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से भी संपर्क किया। वहां से भी किसी विमान के लापता होने या क्रैश की कोई सूचना नहीं मिली। इसके अलावा यह भी स्पष्ट किया गया कि छत्तीसगढ़ में कोई फ्लाइंग क्लब संचालित नहीं है, जबकि ओडिशा और झारखंड के फ्लाइंग क्लबों से भी इस संबंध में जानकारी ली गई, लेकिन किसी ने अपने विमान के गुम होने की पुष्टि नहीं की।
कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगना सामान्य घटना है। कई बार इस तरह की आग से उठने वाला धुआं दूर से देखने पर किसी बड़े हादसे का आभास कराता है। प्रारंभिक जांच में भी यही संभावना जताई जा रही है कि जंगल में लगी आग के कारण धुआं उठा, जिसे लोगों ने प्लेन क्रैश समझ लिया।
फिलहाल प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं और हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट खबर या अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।



